परिशिष्ट-II – अनिवार्य वैवाहिक व्यवस्था (सामाजिक)
मनु की व्यवस्था है कि संसार में लोगों का जीवन चार भागों में विभाजित हो। ये चार अवस्थाएं हैंः 1- ब्रह्मचर्य, 2- गृहस्थ, 3- वानप्रस्थ और संन्यास। ब्रह्मचर्य विद्यार्थी जीवन है। एक ऐसी अवस्था, जब… परिशिष्ट-II – अनिवार्य वैवाहिक व्यवस्था (सामाजिक)