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परिशिष्ट-II – अनिवार्य वैवाहिक व्यवस्था (सामाजिक)

मनु की व्यवस्था है कि संसार में लोगों का जीवन चार भागों में विभाजित हो। ये चार अवस्थाएं हैंः 1- ब्रह्मचर्य, 2- गृहस्थ, 3- वानप्रस्थ और संन्यास। ब्रह्मचर्य विद्यार्थी जीवन है। एक ऐसी अवस्था, जब… परिशिष्ट-II – अनिवार्य वैवाहिक व्यवस्था (सामाजिक)

तीसरी पहेली – वेदों की उत्पत्ति पर अन्य शास्त्रें के साक्ष्य

वेदों की उत्पत्ति की खोज वेदों के साथ ही उत्पन्न हो गई थी। ऋग्वेद में वेदों की उत्पत्ति का प्रसंग है। वह प्रसिद्ध पुरुष सूक्त में उपलब्ध है। उसके अनुसार एक पौराणिक पुरुष के यज्ञ… तीसरी पहेली – वेदों की उत्पत्ति पर अन्य शास्त्रें के साक्ष्य

दूसरी पहेली – वेदों की उत्पत्ति

ब्राह्मणों की व्याख्या अथवा वाग्जाल का एक प्रयास कोई हिंदू ऐसा नहीं मिलेगा जो वेदों को अपने धर्म का पवित्रतम ग्रंथ न मानता हो। फिर भी किसी हिंदू से पूछें, वेदों की उत्पत्ति कैसे हुई?… दूसरी पहेली – वेदों की उत्पत्ति

परिशिष्ट-I – वर्णाश्रम धर्म की पहेली (भाग II – सामाजिक)

वर्ण धर्म और आश्रम धर्म के दो मताग्रहों की ओर पहले ही ध्यान दिलाया जा चुका है, जिन दोनों से मिलकर वर्णाश्रम धर्म बनता है और जो हिंदुत्व का मूल आधार है। इन अजीब सिद्धांतों… परिशिष्ट-I – वर्णाश्रम धर्म की पहेली (भाग II – सामाजिक)

परिशिष्ट-1 – राम और कृष्ण की पहेली (भाग III – राजनैतिक)

राम वाल्मीकि कृत रामायण के नायक हैं। रामायण का कथानक बहुत संक्षिप्त है, साथ ही यह सरल भी है। इसमें कोई सनसनीखेज बात नहीं है। राम दशरथ के पुत्र हैं, जो आधुनिक बनारस के अयोध्याराज… परिशिष्ट-1 – राम और कृष्ण की पहेली (भाग III – राजनैतिक)

परिशिष्ट – 5 – वेदों की निर्भ्रान्न्ता

हिन्दुओं से यह आशा की जाती है कि वे प्रतिदिन वेद पाठ करें। शतपथ ब्राह्मण में इसके कारण बताए गए हैं। उसका कहना हैः “ केवल ये पांच महा त्याग हैं जिनका अत्यधिक महत्व है… परिशिष्ट – 5 – वेदों की निर्भ्रान्न्ता

परिशिष्ट – 4 – स्मार्त धर्म तथा तांत्रिक धर्म –  II – स्मार्त धर्म

स्मृत-धर्म के पवित्र साहित्य में स्मृतियां अथवा संहिताएं आदि समाविष्ट हैं। ये स्मृतियां भारत की विधि-विधान हैं। इस विधि-विधान की परिधि इतनी व्यापक हो गई कि उसमें विधि, सरकार, समाज, विभिन्न जातियों के नागरिकों के… परिशिष्ट – 4 – स्मार्त धर्म तथा तांत्रिक धर्म –  II – स्मार्त धर्म

चौबीसवीं पहेली – कलियुग की पहेली

कालगणना की जो इकाईयां हिंदुओं में प्रयुक्त हैं, उनकी ओर लोगों का सम्यक ध्यान नहीं जाता कि उनकी विशिष्टता क्या है? यह ऐसा विषय है जो पुराणों से संबद्ध है। उनके अनुसार काल गणना के… चौबीसवीं पहेली – कलियुग की पहेली

तेइसवीं पहेली – कलियुग-ब्राह्मणों ने इसे अनन्त क्यों बनाया ?

यदि हिन्दुओं में कोई धारणा सर्वाधिक व्याप्त है और जिसके विषय में सभी स्त्री-पुरुष, बूढ़े और जवान, समझदार और गैर-समझदार परिचित हैं, वह है-कलियुग। यह सभी जानते हैं कि आज का युग कलियुग है और… तेइसवीं पहेली – कलियुग-ब्राह्मणों ने इसे अनन्त क्यों बनाया ?

बाईसवीं पहेली – ब्रह्म धर्म नहीं है, ब्रह्मा किस काम का

बाईसवीं पहेली ब्रह्म धर्म नहीं है, ब्रह्मा किस काम का? इतिहास में कई प्रकार की सरकारों का वर्णन है, वे हैं- राजतंत्र, कुलीनतंत्र, और प्रजातंत्र। इसमें अधिनायकवाद भी जोड़ा जा सकता है। इस समय सर्वाधिक… बाईसवीं पहेली – ब्रह्म धर्म नहीं है, ब्रह्मा किस काम का