कौरवों ने पांडवों के अस्तित्व का पता लगाने के लिए गुप्तचर भेजे, परंतु वे गुप्तचर दुर्योधन के पास लौट आते हैं और बताते हैं कि वे पांडवों का पता लगाने में असमर्थ हैं। ये…
‘एसेज आन दि भगवत्गीता’ (भगवत्गीता पर निबंध) के पहले पृष्ठ पर डॉ- अम्बेडकर ने अपने हस्ताक्षर कर रखे हैं। अगले बयालीस पृष्ठों में विराट पर्व और उद्योग पर्व पर विश्लेषणात्मक टिप्पणियां और इस निबंध की…
इकसठ पृष्ठों की टाइप की हुई मूल अंग्रेजी की पांडुलिपि की उपलब्ध दूसरी प्रति में डॉ- अम्बेडकर द्वारा स्वयं जो शुद्धियां और संशोधन किए गए हैं, उन सभी को अंग्रेजी प्रकाशन और प्रस्तुत अध्याय में…
डॉ- बाबासाहेब अम्बेडकर सोर्स मैटिरियल पब्लिकेशन कमेटी को पृष्ठ छह से चौदह और पृष्ठ सत्रह से उनतालीस तक मूल अंग्रेजी के इस निबंध के बिखरे हुए पन्ने मिले थे। ऐसा लगता है कि ये पृष्ठ…
डॉ- बाबासाहेब अम्बेडकर सोर्स मैटिरियल पब्लिकेशन कमेटी को ‘दि ट्रम्फ ऑफ ब्राह्मेनिज्म’ (ब्राह्मणवाद की विजय) शीर्षक के अंतर्गत केवल तीन टंकित पृष्ठ प्राप्त हुए थे। सौभाग्यवश, निबंध की एक प्रति श्री एस-एस- रेगे ने दी,…
डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर सोर्स मैटिरियल पब्लिकेशन कमेटी को मूल अंग्रेजी की पांडुलिपि में फुलस्केप टाइप किए हुए इक्कीस पृष्ठ प्राप्त हुए थे। प्रथम पृष्ठ पर शीर्षक ‘शूद्राज एंड दि काउंटर रिवोल्यूशन’ (शूद्र और प्रतिक्रांति) दिया…
डॉ- भीमराव अम्बेडकर ने अंग्रेजी में लिखित ‘रिवोल्यूशन एंड काउंटर-रिवोल्यूशन’ विषयक शोध के एक अंग के रूप में ‘दि डिक्लाइन एंड फाल आफ बुद्धिज्म’ (बौद्ध धर्म की अवनति तथा पतन) शीर्षक लेख लिखा था। उनके…
प्राचीन आर्यों के समाज में पुरोहिताई के व्यवसाय पर ब्राह्मणों का एकाधिकार था। ब्राह्मणों को छोड़कर कोई अन्य पुरोहित नहीं बन सकता था। धर्म के अभिरक्षक के रूप में ब्राह्मण नैतिक और आध्यात्मिक मामलों में…
मूल अंग्रेजी में इस अध्याय के टाइप किए हुए ग्यारह पृष्ठ एक फाइल में बंधे हुए थे। अंतिम पृष्ठ से पता चलता है कि यह अध्याय अपूर्ण है-संपादक बौद्ध धर्म एक क्रांति थी। यह उतनी…
प्रस्तुत अध्याय की मूल अंग्रेजी में टाइप की हुई दो प्रतिलिपियां हैं। दोनों प्रतिलिपियों में बाबासाहेब की लिखावट में कुछ वृद्धि तथा संशोधन किया गया है। विचार करने के बाद निर्णय लिया गया कि बाद…