मित्रे मुझे जातपांत तोड़क मंडल के सदस्यों की स्थिति पर निश्चय ही खेद है, जिन्होंने इस सम्मेलन की अधयक्षता करने के लिए मुझे आमंत्रित करने की महती कृपा की है। मुझे यकीन है कि अधयक्ष…
मित्रे मुझे जातपांत तोड़क मंडल के सदस्यों की स्थिति पर निश्चय ही खेद है, जिन्होंने इस सम्मेलन की अधयक्षता करने के लिए मुझे आमंत्रित करने की महती कृपा की है। मुझे यकीन है कि अधयक्ष…
आमुख 12 दिसम्बर, 1935 को मुझे जातपांत तोड़क मंडल के मं=ी श्री संत राम का प= प्राप्त हुआ, जो इस प्रकार है: प्रिय डाक्टर साहेब, आपके 5 दिसम्बर के कृपा प= के लिए बहुत-बहुत धान्यवाद।…
जातिप्रथा – उन्मूलन और महात्मा गांधी को दिया गया उत्तर सत्य को सत्य और असत्य को असत्य के रूप में जानो – बु) जो तर्क नहीं करेगा, वह धार्मांधा है जो तर्क नहीं कर सकता,…
मैंने आपको बहुत देर तक बिठाकर रखा है। अब समय आ गया है कि मैं अपना भाषण समाप्त करूं। यह एक सुविधााजनक बिंदु है, जहां मुझे रूक जाना चाहिए। लेकिन संभवतः हिन्दू श्रोताओं के बीच…
क्या आप तर्क का प्रश्न उठा सकते हैं और हिन्दुओं से यह कह सकते हैं कि वे जाति-व्यवस्था को समाप्त करें, क्योंकि वह तर्क के विरु) है? इससे यह प्रश्न उठता है: क्या हिन्दू अपने…
1 मैं महात्मा का बड़ा आभारी हूं कि उन्होंने जाति पर जातपांत तोड़क मंडल के लिए लिखे गए मेरे भाषण पर अपने समाचार-प= ‘हरिजन‘ में विचार व्यक्त करके मुझे सम्मानित किया है। मेरे भाषण के…
डॉ- अम्बेडकर का अभ्यारोपण 1 पाठकों को याद होगा कि डॉ- अम्बेडकर ने लाहौर के जातपांत तोड़क मंडल के वार्षिक सम्मेलन की अधयक्षता विगत मई माह में करनी थी। लेकिन स्वागत समिति ने डॉ- अम्बेडकर…
मुझे यह बात स्वीकार करनी पड़ेगी कि यह भाषण बहुत लंबा हो गया है। अब आपको निर्णय करना है कि अधिाक सीमा तक इस गलती की क्षतिपूर्ति हुई है या नहीं। मैं यही दावा करता…
कुछ लोग नहीं समझ सकते कि धार्म के विनाश से मेरा आशय क्या है( कुछ को यह धाारणा विद्रोही लग सकती है और कुछ को यह क्रांतिकारी विचार लग सकता है। इसलिए मैं अपनी स्थिति…