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परिशिष्ट-1 वेदों की पहेलियां

वेद हिंदुओं के पवित्र ग्रंथ हैं। उनके संबंध में अनेक प्रश्न उठते हैं। उनकी उत्पत्ति कहां से हुई? उनका सृष्टा कौन है? उनकी सार्वभौमिकता क्या है? ये कुछ प्रश्न हैं। हम पहले प्रश्न से आरम्भ… 

परिशिष्ट – 2 वेदांत की पहेली

प्राचीन भारतीय दार्शनिकों ने षट्दर्शन का जो सिद्धांत प्रतिपादित किया है, उसमें वास्तव में सबसे विख्यात है वेदांत दर्शन। केवल नाम के कारण ही नहीं, बल्कि हिंदुओं में इसकी जितनी मान्यता है, उतनी अन्य दर्शनों… 

परिशिष्ट – 3 त्रिमूर्ति की पहेली

जितनी सच्चाई इस बात में है कि हिंदू धर्म सम्प्रदायों का मिश्रण है, उतना ही सच यह भी है कि यह धर्म विभिन्न जातियों से मिलकर बना है। परन्तु जितना ध्यान सम्प्रदायों के अध्ययन पर… 

अध्याय – 3 – सामाजिक क्रांति आर्थिक क्रांति से पहले होनी चाहिए

3 अब मैं समाजवादियों की ओर आता हूं। क्या समाजवादी लोग सामाजिक व्यवस्था से उत्पन्न समस्या की उपेक्षा कर सकते हैं? भारत के समाजवादी यूरोप में अपने साथियों का अनुसरण करते हुए इतिहास की आर्थिक… 

अध्याय – 2 – सामाजिक क्रांति राजनीतिक क्रांति से पहले होनी चाहिए

भारत में समाज सुधाार का मार्ग स्वर्ग के मार्ग के समान है और इस कार्य में अनेक कठिनाइयां है। भारत में समाज सुधाार कार्य में सहायक मि= कम और आलोचक अधिक हैं। आलोचकों के दो… 

हिंदू धर्म की पहेलियाँ – बाबासाहेब डॉ. बी.आर. अंबेडकर

जय भीम दोस्तों, डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर की पुस्तके एवं लेखन को खोलने के लिए उस पर क्लिक करें – भाग-1 धार्मिक पहली पहेली: यह जानने में कठिनता कि कोई हिंदू क्यों है? दूसरी पहेली: वेदों… 

डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर और भगत सिंह: एक विश्लेषण

भारतीय इतिहास में डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर और भगत सिंह दो महान व्यक्तित्व हैं जिन्होंने अपने जीवन को समाज और देश की सेवा में समर्पित कर दिया। ये दोनों नेता भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दो… 

“जाति का विनाश” (Annihilation of Caste)- संक्षिप्त विवरण

डॉ. बी. आर. आंबेडकर द्वारा लिखित “जाति का विनाश” (Annihilation of Caste) एक महत्वपूर्ण और प्रभावशाली ग्रंथ है। इस ग्रंथ में डॉ. आंबेडकर ने भारतीय समाज में जाति प्रथा के विनाश के लिए एक व्यापक… 

पन्द्रहवीं पहेली – ब्राह्मणों ने अहिंसक देवता के साथ रक्त-पिपासु देवी का विवाह क्यों किया ?

जब ब्राह्मणों ने मांस-मदिरा का सेवन आरम्भ कर दिया तो उन्हें पुराणों में पशुबलि की वकालत करने में कोई संकोच नहीं हुआ। एक पुराण का विशेष उल्लेख करना आवश्यक है। वह है काली पुराण ।…